मैं एक उदहारण देना चाहूँगा.स्थान उज्जैन. दिनांक ३०/८/२०१० वार सोमवार सूर्योदय ६.०८. गर्भ का लिंग परिक्षण नहीं करवाया गया था. गर्भ का पूर्ण समय नजदीक आने पर डॉक्टर ने १५ दिन पहले बताया कि बच्चा ऑपरेशन से होगा क्योकि गर्भवती कि स्थिति प्राकृति रूप से जन्म देने योग्य नहीं है. गर्भ का समय दिनांक 29.८.२०१0 या ३०/८/२०१० के मध्य ऑपरेशन कर सकते है. उस दिन निर्धारित समय २.३० बजे पर महिला को ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया और ठीक ३.१९ पर एक बच्ची का जन्म जल तत्व (जल तत्व स्त्री लिंग का करक है.) उस समय किसी भी प्रकार के तत्व के बारें में विचार नहीं किया गया था. अब देखिये आप ऑपरेशन जन्म करवाएं या फिर प्रकृति रूप में जन्म से होने दें. समय आने पर यह निश्चित है कि जन्म तो एक निर्धारित तत्व में ही होगा. गर्भ में बच्चा लड़के के रूप में है तो अवश्य ही पृथ्वी ,अग्नि या आकाश तत्व में ही होगा.
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